सोमवार, 7 जून 2021

Top 35+ झूठ फरेब शायरी - झूठे लोग शायरी


इस दुनिया में झूठे लोगों की कोई कमी नहीं है। अक्सर लोग एक दूसरे को झूठ बोलकर धोखा देते हैं। कई बार एक झूठ की वजह से लोगों का दिल भी टूट जाता है। इस दुनिया में झूठे लोगों को कोई पसंद नहीं करता लेकिन फिर भी लोग झूठ बोला करते हैं। आज हम ऐसे ही झूठे लोगों पर शायरी लेकर आए नीचे झूठ फरेब शायरी दी गई है। 

झूठ फरेब शायरी - झूठे लोग शायरी


jhute log shayari


1. वो कहता था के मुझे नफरत है झूठे लोगों से
पता नहीं कैसे रहता होगा आजकल वो खुद के साथ


2. न परेशानियां, न हालात न ही कोई रोग है,
जिन्होंने हमें सताया है
और कोई नहीं वो झूठे लोग हैं।


3. यहां हर किसी का राज बहुत गहरा है,
ऊपर सच तो अंदर झूठ का चेहरा है। 


4. झूठी दुनिया के झूठे फसाने है ,
लोग भी झूठे और झूठे जमाने है।


5. झूठे मजे मे है और सच्चे कठघरे में ,
झूठे महफिलो मे है और सच्चे तन्हाइयो में ।


6. पल भर लगता है किसी को अपना मानने में
इक उम्र लग जाती है फिर उन्हें जानने में
नकाब अच्छाई का रहता है छिपे हुए चेहरे में
देर लग ही जाती है अक्सर झूठे लोगों को पहचानने में।


7. वो झूट बोल रहा था बड़े सलीक़े से।
मैं ए'तिबार न करता तो और क्या करता।
- वसीम बरेलवी

झूठ फरेब शायरी


8. हुनरमंद बहुत हैं इस जमाने में,
लोग अक्सर झूठ भी सच की अंदाज में बोलते हैं।। 


9. मत करना फिर से कभी, ये झूठा प्यार का वादा।
आज ही हमने मांगी हैं दुआ, तुझे भूल जाने की।


10. हम समझदार भी इतने है की उनका झूठ पकड़ लेते है ,
और उनके दिवाने भी इतने के फिर भी यकीन कर लेते है


11. छोटी चीज को झूठ बोलकर बड़ा नही करते है,
झूठ के दम पर सपनो का महल खड़ा नही करते है।


12. तुमसे मिलकर के यह तजुर्बा हुआ
झूठे लोग भी क्या लाजवाब होते है।


13. बेहिसाब झूठ कहा तो खुदा मान बैठे।
जरा सा सच बोल दिया बुरा मान बैठे।


14. झूट वाले कहीं से कहीं बढ़ गए
और मैं था कि सच बोलता रह गया
वसीम बरेलवी

झूठ शायरी 

15. मैं भी झूठा, तू भी झूठा, झूठी है दुनिया सारी
झूठे हैं ये लोग सभी, झूठे हैं नर-नारी
झूठ ही सबका दाता, सबका झूठ ही पालनहार है
ऐसा कलयुग आया देखो झूठ हुआ सच पर भारी है।


16. झूठ बोलकर भी अब लोग दिल चुराते है,
सच बोलने वाले दीवाने ठोकरे खाते है।


17. झूठ कहूँ तो बहुत कुछ है मेरे पास,
सच कहूँ तो कुछ नीं सिवा तेरे मेरे पास


18. झूट के आगे पीछे दरिया चलते हैं
सच बोला तो प्यासा मारा जाएगा
- वसीम बरेलवी


19. मैं सच कहूँगी मगर फिर भी हार जाऊँगी
वो झूट बोलेगा और ला-जवाब कर देगा
- परवीन शाकिर

20. झूठ बोलने में सबसे बड़ी परेशानी यह है,
कि झूठ को हमेशा याद रखना पड़ता है.


21. सच कड़वाहट लिए मुँह खोलता है,
झूठ को देखो कितना मीठा बोलता है


22. सफर में वो तब तक साथ चलता रहा, 
जब तक उसकी हर एक झूठ को मैं सच समझता रहा।


23. मालूम था कि वो  झूठे हैं,
 पर क्या करें हमारा दिल तो सच्चा है।


24. दोपहर तक बिक गया, बाजार का हर एक झूठ
और मैं एक सच लेकर शाम तक बैठा रहा।


25. सब कुछ झूठ है लेकिन फिर भी बिलकुल सच्चा लगता है।
जानबूझकर धोखा खाना कितना अच्छा लगता है।



26. दुनिया के हर इंसान को नफरत है झूठ से,
मैं परेशान हूँ ये सोच कर, फिर ये झूठ बोलता कौन है।


27. झूठी बात पे जो वाह करेंगे
वही लोग आपको तबाह करेंगे


28. परेशां है वो झूठा इश्क करके
वफ़ा करने की नौबत आ गई है
– फ़हमी बदायूनी



29. तेरी आँखों से तेरा झूठ दिखाई दे जाता है
पर हम तुझे खोने के डर से उसे सच मानते हैं

झूठे रिश्ते शायरी


30. अक्सर झूठ पर चलते हैं प्यार के रिश्ते
सच सामने आते ही टूट जाते हैं


31. तेरे वादों पे कहाँ तक मेरा दिल फ़रेब खाए
कोई ऐसा कर बहाना, मेरी आस टूट जाए


32. कैसे कहूँ मुझे तुमसे मोहब्बत नहीं है,
झूठ बोलने की मुझको आदत नहीं है


33. खत्म हो गया वो झूठा रिश्ता,
जब सामना उसका इक सच से हुआ


34. कौन कहता है कि आईना झूठ नहीं बोलता,
अक्सर देखा है मैंने खुदको उसमें मुस्कुराते हुए


35. एतबार बहुत किया था तुम्हारी बातों का,
हमें क्या पता था कि तुम्हारी हर बात झूठ निकलेगी।


36. समेट कर ले जाओ अपने झूठे वादो के अधूरे किस्से ,

अगली मोहब्बत में तुम्हे फिर से इनकी जरूरत पड़ेगी ।


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