बुधवार, 7 अक्तूबर 2020

नाराजगी शायरी हिंदी में दो लाइन - Narazgi Shayari in Hindi 2 line


आज हम आपके लिए नाराजगी पर शायरी ले कर आये हैं ये Narazgi Shayari in Hindi की collection आपको पसंद आएगी। आप इन images को Facebook, Whatsapp status के रूप में उपयोग कर सकते हैं और अपने दोस्त-यार, girlfriend-boyfriend आदि को अपने दिल की भावनाए बता सकते हैं। इस naraj shayri status को आप नाराज दोस्त को मानाने या खुद रूठ जाने पर उपयोग कर सकते हैं।

खफ़ा/ नाराजगी शायरी हिंदी में- Narazgi Shayari in Hindi


Narazgi Shayari in Hindi

तुझ से नहीं तेरे वक़्त से नाराज हूँ…
जो कभी तुझे मेरे लिए नहीं मिला…

ऐ ग़म-ए-ज़िंदगी न हो नाराज़,
मुझको आदत है मुस्कुराने की..


हर बात खामोशी से मान लेना..
यह भी अंदाज़ होता है नाराज़गी का


मेरी हर ख़ाता पर नाराज़ ना होना, 
अपनी प्यारी सी मुस्कान कभी ना खोना, 
सुकून मिलता हे देखकर आपकी मुस्कुराहट को, 
मुझे मौत भी आए तो भी मत रोना


कब तक रह पाओगे आखिर यूँ दूर हमसे,
मिलना पड़ेगा कभी न कभी ज़रूर हमसे
नज़रे चुराने वाले ये बेरुखी है कैसी..
कह दो अगर हुआ है कोई कसूर हमसे


ना जाने किस बात पे वो नाराज है हमसे. ….
ख्वाबों मे भी मिलता हू। तो बात नही करती


दिल के ज़्ख़मो को उनसे छुपाना पड़ा, 
पलके भीगी थी पर मुस्कुराना पड़ा, 
कैसे उल्टे हैं मोहब्बत के ये रिवाज़? 
रूठना चाहते थ पर उनको मानना पड़ा…

खफा शायरी इन हिंदी

khafa shayri in hindi

यहाँ सब खामोश है कोई आवाज़ नहीं करता….
सच बोलकर कोई किसी को नाराज़ नहीं करता…


हमसे कोई खता हो जाए तो माफ़ करना
हम याद ना कर पाएं तो माफ़ करना
दिल से तो हम आपको कभी भूलते नहीं
पर ये दिल ही रुक जाए तो माफ़ करना

कुछ अन्य शायरियां:

नाराजगी शायरी दो लाइन 


बेशक मुझपे गुस्सा करने का हक है तुम्हे,
पर नाराजगी में हमारा प्यार मत भूल जाना।


उसकी ये मासूम अदा मुझे खूबभाती है,
नाराज़ मुझसे होती है, गुस्सा सबको दिखाती है।



किसी को मनाने से पहले ये जान लेना
कि वो तुमसे नाराज है या परेशान।



न जाने किस बात पे नाराज हैं वो हमसे,
ख्वाबों में भी मिलती है तो बात नहीं करती


ज़ुलफें मत बांधा करो तुम,
हवाए नाराज़ रहती हैं


हर बात खामोशी से मान लेना
यह भी अंदाज़ होता है नाराज़गी का



कैसे ना हो इश्क, उनकी सादगी पर ए-खुदा,
ख़फा हैं हमसे, मगर करीब बैठे हैं…


कोशिश न कर सभी को खुश रखने की
कुछ लोगों की नाराज़गी भी जरूरी है
चर्चा में बने रहने के लिए


क्यों नाराज़ होते हो मेरी इन नादान हरकतों से,
कुछ दिन की ज़िन्दगी है, फिर चले जाएंगे तुम्हारे इस जहाँ से



मेरी फितरत में नहीं हैं किसी से नाराज होना,
नाराज वो होतें हैं जिन्हें अपने आप पर गुरूर होता है।।



अजीब अदा है लोगों की
नजरें भी हम पर नाराजगी भी हमसे


मुझको छोङने की वजह तो बता देते..
मुझसे नाराज़ थे या..मुझ जैसे हज़ारों थे..


मत पूछो कैसे गुजरता है हर पल तुम्हारे बिना
कभी बात करने की हसरत कभी देखने की तमन्ना



तेरा नाम था आज किसी अजनबी की जुबान पे…
बात तो जरा सी थी पर दिल ने बुरा मान लिया


खुदा भी नाराज है देखकर मेरी इबादत
कहता है मुझे पांच वक़्त और उसे हर वक़्त


नाराज़ नहीं हूँ तेरे फ़रेब से….
ग़म ये है कि तेरा यकीन अब कैसे करू….


रिश्ता दिल से होना चाहिए, शब्दों से नहीं,
नाराजगी शब्दों में होनी चाहिए दिल में नहीं!


यहाँ सब खामोश है कोई आवाज़ नहीं करता
सच बोलकर कोई किसी को नाराज़ नहीं करता

Naraj Status in Hindi

Naraz Statusi in Hindi

हर बात खामोशी से मान लेना..
यह भी अंदाज़ होता है नाराज़गी का


बस एक यही बात उसकी मुझे अच्छी लगती है,
उदास कर के भी कहती है, तुम नाराज़ तो नहीं हो ना….


ख़फ़ा हैं फिर भी आ कर छेड़ जाते हैं तसव्वुर में
हमारे हाल पर कुछ मेहरबानी अब भी होती है


यही सोचकर कोई सफाई नहीं दी हमने
कि इल्जाम झूठे भले हैं पर लगाये तो तुमने हैं

Naraz Shayari in Hindi

Naraz Shayari in Hindi


हम बेबस हैं बे-परवाह नहीं हम उदास हैं खफ़ा नहीं
कदर करते हैं दोस्तों की दिल से
हम जिंदगी में मजबूर तो हो सकते हैं लेकिन बेवफ़ा नहीं


किसी से नाराजगी, इतने वक़्त तक न रखो के..
वो तुम्हारे बगैर ही, जीना सीख जाए…!


बहुत उदास है कोई शख्स तेरे जाने से
हो सके तो लौट के आजा किसी बहाने से
तू लाख खफा हो पर एक बार तो देख ले
कोई बिखर गया है तेरे रूठ जाने से


नाराज़ नहीं हूँ तेरी बेवफाई से….
ग़म ये है कि तेरा यकीन अब कैसे करू…

रूठना मनाना शायरी इन हिंदी

ruthna-manana-shayari



रूठना मत कभी हमे मानना नही आता,
डोर नही जाना हमे भूलना नही आता, 
तुम भूल जाओ हमे तुम्हारी मर्ज़ी, 
मगर हम क्या करे हमे भूलना नही आता 


नाराज मत हुआ करो कुछ अच्छा नहीं लगता है,
तेरे हसीन चेहरे पर यह गुस्सा नहीं सजता है,
हो जाती है कभी कभी गलती माफ कर दिया करो,
चाहने वालों से बेदर्दी यह नुस्खा नहीं जंचता है


बहुत उदास है कोई शख्स तेरे जाने से 
हो सके तो लौट आ किसी बहाने से 
तू लाख खफा सही मगर इक बार तो देख 
कोई टूट गया है तेरे रूठ जाने से
खामोशियां ही बेहतर हैं,
शब्दों से लोग नाराज़ बहुत हुआ करते हैं।

नाराजगी दूर करने वाली शायरी


तड़प रहे है हम तुमसे एक अल्फाज के लिए,
तोड़ दो खामोशी हमें जिन्दा रखने के लिए।


न जाना इतना भी दूर कि हम आपसे मिल न पायें,
करते रहना याद हमें ,
कहीं आपके दिल से हम निकल न जायें।


बहुत उदास है कोई शख्स तेरे जाने से
हो सके तो लौट के आजा किसी बहाने से
तू लाख खफा हो पर एक बार तो देख ले
कोई बिखर गया है तेरे रूठ जाने से




कुछ अन्य शायरियां:
ये नाराजगी पर शायरी (Narazgi Shayari in Hindi) आपको पसंद आये तो अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करें।


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