सोमवार, 14 जून 2021

गांव की यादें शायरी | Village Quotes in Hindi

क्या आपको भी अपने गाँव की याद आती है? अगर हाँ तो आप इस पोस्ट में गाँव पर शायरी, Village Quotes in Hindi, गाँव पर स्टेटस आदि पढ़ सकते हैं और इन शायरियों को आप सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं।  

आजकल लोग सुख-सुविधाओं और पैसे के लिए शहर में रहना पसंद करते हैं लेकिन सच बात तो यह है की जिंदगी में शुकून अगर कहीं है तो वह गाँव में ही है। गाँव में शुकून-शांति तो होती ही है साथ ही गाँव के लोग एक परिवार की तरह रहते हैं। गाँव छोड़ शहर में बसने वालों को भी अपने गाँव की याद जरुर आती है। आइये गाँव पर लिखी गयी कुछ शायरियां पढ़ते हैं। 

गांव की यादें शायरी

gaon ki yaade shayari


शहर की हलचल से दूर
यहाँ मन को आराम है
घर तो अपना गाव में ही है जनाब
शहर में तो बस मकान है।

गाँव की प्यारी यादों को दिल में सजाया करो,
शहर में तरक्की कितनी भी करो लो
पर गाँव अपनों से मिलने आया करो


होती होंगी शहरों की शामे रंगीन,
मेरे गांव की रातों में सुकून है।


ख़ुशी से कब हम अपना गाँव छोड़कर आते है,
पैसे कमाने के लिए अपने दिल को तोड़कर आते है.


बड़ा ही खुश हो जाता हूँ जब कोई मेरे गाँव से आता है,
जैसे वो कोई मरहम मेरे दिल के घाव का लाता है.


गाँव नाप आते थे पूरा नंगे पाँव,
पैर जलने लगे जबसे डिग्री सेल्सियस समझ आया।


अपनेपन और सुकून की छांव,
हम सबका अपना – अपना गांव।


गांवों में भीड़ बढ़ती जा रही है,
सुना है शहर में कोई बीमारी आयी है!!

गाँव की यादें शायरी 

सहर की गर्मी में वो छांव याद आता है,
मस्ती में बिता जहाँ बचपन वो गाँव याद आता है।


दिल खुश हो जाता है गाँव के मेले में,
ख़ुशी का पता ही नही शहर के झमेले में.


गाँव में चलती है कितनी हसीन हवाएं,
दम हो तो कोई इस तरह का मशीन बनाएं.


यूँ तो समेट लाए हर चीज़ गाँव से मगर,
धागे तुम्हारे नाम के बरग़द पे ही रह गए


क्या शहर क्या गांव, सब बदलने लगे...
एक घर में कई चूल्हे जलने लगे...!!


बेशक आराम की जिंदगी सहरों में मिल जाएगी
मगर सुकून बस गाँव में ही आएगी।


गाँव में त्यौहार, त्यौहार सा लगता है
जब पूरा गाँव एक परिवार सा लगता है।

Village Quotes in Hindi

सुना है.. खरीद लिया उसने करोड़ों का घर शहर में ..
मगर आंगन दिखाने आज भी वो बच्चो को गांव लाता है


गांव में जान अब भी है
रूतबा और शान अब भी है !!


मेरा बचपन भी साथ ले आया
गाँव से जब भी आ गया कोई 
- कैफ़ी आज़मी


जहां कुदरत की अपनी छांव है,
जिसे अपना कह सकूं वह अपना गांव है!

गाँव की याद शायरी 

जब जलाती है ये धूप, बरगद का छाँव याद आता है,
और
जब आसरा छीन लेता है ये शहर, तब मेरा गांव याद आता है।


ग़रीबी में भी अपने बच्चे को अच्छा संस्कार देना,
दुनिया में कही भी रहो गाँव की मिट्टी को प्यार देना.


ऐ गाँव !
ये कैसी शान और अदा है तेरी
जो एक बार आते हैं, तेरे मुरीद हो जाते हैं


मां ने अपने दर्द भरे खत में लिखा
सड़कें पक्की हैं अब तो गांव आया कर


पूरी दुनिया से थक हार के एक गाँव ही
तो था जाह में चैन से मर सकता था।


गाँव में जब भूख सताता है,
तो शहर का रास्ता नजर आता है,
वो हर तरह के दर्द को सह लेता है
जब घर की याद आये तो अकेले में रो लेता है

मेरे गाँव की यादें शायरी 


कहीं दिखती नहीं तितलियां शहर में,
वहीं जाड़े की धूप खिलखिला के आती है मेरे गांव में..


मेरे खेत की मिट्टी से पलता है तेरे शहर का पेट
मेरा नादान गाँव अब भी उलझा है कर्ज की किश्तों में


ख़ोल चेहरों पे चढ़ाने नहीं आते हमको
गांव के लोग हैं हम शहर में कम आते हैं
-बेदिल हैदरी


शहरों में कहां मिलता है वो सुकून जो गांव में था,
जो मां की गोदी और नीम पीपल की छांव में था
-डॉ सुलक्षणा अहलावत


नैनों में था रास्ता, हृदय में था गांव
हुई न पूरी यात्रा, छलनी हो गए पांव
-निदा फ़ाज़ली


यूं खुद की लाश अपने कांधे पर उठाये हैं
ऐ शहर के वाशिंदों ! हम गाँव से आये हैं
-अदम गोंडवी

और पढ़ें:


रविवार, 13 जून 2021

दोस्ती की कीमत शायरी

मुमकिन नही इस दोस्ती मे आपको भूल जाना,
मुमकिन नही इस दोस्ती को दिल से मिटा पाना,
आप एक अनमोल तोहफा हो दोस्ती का,
मुमकिन नही इस तोहफे की कीमत बता पाना


यदि तुम बेचो अपनी दोस्ती
तो पहले ग्राहक हम होंगे
तुम्हे अपनी कीमत पता नहीं होगी
पर तुम्हे पाकर सबसे खुशनसीब हम होंगे.



दोस्ती की कीमत कभी अदा नहीं होती; 
अच्छी दोस्ती कभी जुदा नहीं होती; 
आप की अदा पर मर मिटे हैं; 
वरना यूँ ही हमारी दोस्ती किसी पर फ़िदा नहीं होती।



मंगलवार, 8 जून 2021

जी लो जिंदगी शायरी | जिंदगी क्या है शायरी

जिंदगी बहुत ही हसीन है, जिंदगी हर दिन कुछ न कुछ सिखाती है, कभी हंसाती है तो कभी सताती है। जब भी निराशा और हताशा के बादल छायें, याद रखिए जो आप जिंदगी जी रहे हैं वह कई लोगों को नसीब नहीं होती।
चाहे परिस्थिति जैसी भी हो हमें आगे बढ़ते रहना चाहिए। "जी लो जिंदगी" पर कुछ शायरियां दी गई है जो आपको जरुर पसंद आएंगे।

जी लो जिंदगी शायरी 

jee lo jindagi shayari



यह ज़िन्दगी बस सिर्फ पल दो पल है,
जिसमें न तो आज और न ही कल है,
जी लो इस ज़िंदगी का हर पल इस तरह,
जैसे बस यही ज़िन्दगी का सबसे हसीं पल है

चूम लो हर मुश्किल को अपना मान कर
क्यूकि  ज़िन्दगी कैसे भी है 
है तो अपनी ही


जब जीना ही हैं जिन्दगी को
तो क्यूँ पल-पल आँसू बहाये
एक बार हँसकर गले तो लगाओ गम को
ये गम आने से ही शरमाये



शिकायतें कम किया कीजिए जनाब
आप जो जिंदगी जी रहे हो
वो जिंदगी भी किसी के लिए सपना है


छोटी सी जिन्दगी है हंस के जियो ,
भुला के गम सारे,
दिल से जियो,
उदासी में क्या रखा है,
मुस्कुरा के जियो,
अपने लिए न सही अपनो के लिए जियो।


आँखों में पानी रखो, होंठो पे चिंगारी रखो,
जिंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो,
राह के पत्थर से बढ के, कुछ नहीं हैं मंजिलें,
रास्ते आवाज़ देते हैं, सफ़र जारी रखो..


छोटी सी जिंदगी है हर बात में खुश रहो
जो चेहरा पास ना हो उसकी आवाज में खुश रहो
कोई रूठा हो आपसे उसके अंदाज़ में खुश रहो
जो लौट के नहीं आने वाले उनकी याद में खुश रहो
कल किसने देखा है अपने आज में खुश रहो


जो लम्हा साथ है उसे जी भर के जी लेना
ये कमबख्त ज़िन्दगी भरोसे के काबिल नहीं है


जिंदगी क्या है शायरी 


धूप में निकलो, घटाओं में नहाकर देखो,
ज़िन्दगी क्या है किताबों को हटाकर देखो।
- निदा फ़ाज़ली


कुछ इस तरह फ़कीर ने ज़िन्दगी की मिसाल दी,
मुट्ठी में धूल ली और हवा में उछाल दी


ज़िन्दगी की राहों में.. ऐसा अक्सर होता है
फैसला जो मुश्किल हो वो ही बेहतर होता है


सपने ऐसे देखो जैसे आप हमेशा जीवीत रहोंगे, 
और ऐसे जिओ जैसे आप आज ही मरने वाले हो।


एक साँस सबके हिस्से से हर पल घट जाती है,
कोई जी लेता है जिंदगी, किसी की कट जाती है।


ज़िन्दगी का फलसफा भी कितना अजीब है,
शामें कटती नहीं, और साल गुज़रते चले जा रहे है


शुक्रिया ज़िन्दगी शायरी


शुक्रिया ज़िन्दगी...जीने का हुनर सिखा दिया,
कैसे बदलते हैं लोग चंद कागज़ के टुकड़ो ने बता दिया,
अपने परायों की पहचान को आसान बना दिया,
शुक्रिया ऐ ज़िन्दगी जीने का हुनर सिखा दिया।



जिंदगी तू हर पल सिखाती हैं
कभी डाट कर कभी प्यार से समझाती हैं
गलती से सिखना ही असल जिन्दगी हैं
वरना ये जिन्दगी काटों पर भी सुलाती हैं


जिन्दगी एक किताब हैं
जिनमे कोरे पन्नो का सैलाब हैं
कोई भरता हैं इसे रंगीन शब्दों से
कोई लिखता हैं इसे काले अक्षरों से


नींद आना खत्म हो जाये जहाँ से।
बस जिंदगी के सफर की शुरुआत,
वहीं से होती है।



ऐ जिन्दगी एक नयी शुरुआत करते हैं
तुझे कुछ और भी ख़ास करते हैं
साथ अपनों का छुटा तो गम नहीं ,
प्यार जो मिला था वो तो कम नहीं ,
चलो खुशियों की मिठास भरते हैं
ये जिन्दगी एक नयी शुरुआत करते हैं


खुद को पढ़ते है, फिर छोड़ देते है।
एक पन्ना जिंदगी का,
हम रोज मोड़ देते है।


पढ़िए:


सोमवार, 7 जून 2021

Top 35+ झूठ फरेब शायरी - झूठे लोग शायरी

इस दुनिया में झूठे लोगों की कोई कमी नहीं है। अक्सर लोग एक दूसरे को झूठ बोलकर धोखा देते हैं। कई बार एक झूठ की वजह से लोगों का दिल भी टूट जाता है। इस दुनिया में झूठे लोगों को कोई पसंद नहीं करता लेकिन फिर भी लोग झूठ बोला करते हैं। आज हम ऐसे ही झूठे लोगों पर शायरी लेकर आए नीचे झूठ फरेब शायरी दी गई है। 

झूठ फरेब शायरी - झूठे लोग शायरी


jhute log shayari


1. वो कहता था के मुझे नफरत है झूठे लोगों से
पता नहीं कैसे रहता होगा आजकल वो खुद के साथ


2. न परेशानियां, न हालात न ही कोई रोग है,
जिन्होंने हमें सताया है
और कोई नहीं वो झूठे लोग हैं।


3. यहां हर किसी का राज बहुत गहरा है,
ऊपर सच तो अंदर झूठ का चेहरा है। 


4. झूठी दुनिया के झूठे फसाने है ,
लोग भी झूठे और झूठे जमाने है।


5. झूठे मजे मे है और सच्चे कठघरे में ,
झूठे महफिलो मे है और सच्चे तन्हाइयो में ।


6. पल भर लगता है किसी को अपना मानने में
इक उम्र लग जाती है फिर उन्हें जानने में
नकाब अच्छाई का रहता है छिपे हुए चेहरे में
देर लग ही जाती है अक्सर झूठे लोगों को पहचानने में।


7. वो झूट बोल रहा था बड़े सलीक़े से।
मैं ए'तिबार न करता तो और क्या करता।
- वसीम बरेलवी

झूठ फरेब शायरी


8. हुनरमंद बहुत हैं इस जमाने में,
लोग अक्सर झूठ भी सच की अंदाज में बोलते हैं।। 


9. मत करना फिर से कभी, ये झूठा प्यार का वादा।
आज ही हमने मांगी हैं दुआ, तुझे भूल जाने की।


10. हम समझदार भी इतने है की उनका झूठ पकड़ लेते है ,
और उनके दिवाने भी इतने के फिर भी यकीन कर लेते है


11. छोटी चीज को झूठ बोलकर बड़ा नही करते है,
झूठ के दम पर सपनो का महल खड़ा नही करते है।


12. तुमसे मिलकर के यह तजुर्बा हुआ
झूठे लोग भी क्या लाजवाब होते है।


13. बेहिसाब झूठ कहा तो खुदा मान बैठे।
जरा सा सच बोल दिया बुरा मान बैठे।


14. झूट वाले कहीं से कहीं बढ़ गए
और मैं था कि सच बोलता रह गया
वसीम बरेलवी

झूठ शायरी 

15. मैं भी झूठा, तू भी झूठा, झूठी है दुनिया सारी
झूठे हैं ये लोग सभी, झूठे हैं नर-नारी
झूठ ही सबका दाता, सबका झूठ ही पालनहार है
ऐसा कलयुग आया देखो झूठ हुआ सच पर भारी है।


16. झूठ बोलकर भी अब लोग दिल चुराते है,
सच बोलने वाले दीवाने ठोकरे खाते है।


17. झूठ कहूँ तो बहुत कुछ है मेरे पास,
सच कहूँ तो कुछ नीं सिवा तेरे मेरे पास


18. झूट के आगे पीछे दरिया चलते हैं
सच बोला तो प्यासा मारा जाएगा
- वसीम बरेलवी


19. मैं सच कहूँगी मगर फिर भी हार जाऊँगी
वो झूट बोलेगा और ला-जवाब कर देगा
- परवीन शाकिर

20. झूठ बोलने में सबसे बड़ी परेशानी यह है,
कि झूठ को हमेशा याद रखना पड़ता है.


21. सच कड़वाहट लिए मुँह खोलता है,
झूठ को देखो कितना मीठा बोलता है


22. सफर में वो तब तक साथ चलता रहा, 
जब तक उसकी हर एक झूठ को मैं सच समझता रहा।


23. मालूम था कि वो  झूठे हैं,
 पर क्या करें हमारा दिल तो सच्चा है।


24. दोपहर तक बिक गया, बाजार का हर एक झूठ
और मैं एक सच लेकर शाम तक बैठा रहा।


25. सब कुछ झूठ है लेकिन फिर भी बिलकुल सच्चा लगता है।
जानबूझकर धोखा खाना कितना अच्छा लगता है।



26. दुनिया के हर इंसान को नफरत है झूठ से,
मैं परेशान हूँ ये सोच कर, फिर ये झूठ बोलता कौन है।


27. झूठी बात पे जो वाह करेंगे
वही लोग आपको तबाह करेंगे


28. परेशां है वो झूठा इश्क करके
वफ़ा करने की नौबत आ गई है
– फ़हमी बदायूनी



29. तेरी आँखों से तेरा झूठ दिखाई दे जाता है
पर हम तुझे खोने के डर से उसे सच मानते हैं

झूठे रिश्ते शायरी


30. अक्सर झूठ पर चलते हैं प्यार के रिश्ते
सच सामने आते ही टूट जाते हैं


31. तेरे वादों पे कहाँ तक मेरा दिल फ़रेब खाए
कोई ऐसा कर बहाना, मेरी आस टूट जाए


32. कैसे कहूँ मुझे तुमसे मोहब्बत नहीं है,
झूठ बोलने की मुझको आदत नहीं है


33. खत्म हो गया वो झूठा रिश्ता,
जब सामना उसका इक सच से हुआ


34. कौन कहता है कि आईना झूठ नहीं बोलता,
अक्सर देखा है मैंने खुदको उसमें मुस्कुराते हुए


35. एतबार बहुत किया था तुम्हारी बातों का,
हमें क्या पता था कि तुम्हारी हर बात झूठ निकलेगी।


36. समेट कर ले जाओ अपने झूठे वादो के अधूरे किस्से ,

अगली मोहब्बत में तुम्हे फिर से इनकी जरूरत पड़ेगी ।


बारिश शायरी 2 लाइन - Barish Shayari in Hindi

जब भी बारिश होती है मौसम बदल जाता है। कुछ लोगों के लिए यह मौसम खुशनुमा होता है तो किसी के लिए यह यादों का मौसम है। कोई बारिश का आनंद लेता है तो कोई अपने बिछड़े हुए को याद करता है। बरसात हमारे दिलों से जुड़ा हुआ है और जहां दिल की बात आती है तो वहां शायरी जरूर होती है। आज हम बरसात पर शायरी, बारिश पर शायरी लेकर आए है जो आपको पसंद जरूर आएंगे।

बारिश शायरी 2 लाइन 

पहले बारिश होती थी तो  याद आते थे ,
अब याद आते हो  तो बारिश होती है 


पहली बारिश का नशा ही, कुछ अलग होता है, 
पलको को छूते ही, सीधा दिल पे असर होता है।


कहीं फिसल न जाओ जरा संभल के चलना,
मौसम बारिस का भी है और मोहब्बत का भी।


बरसती बारिशों से बस इतना ही कहना है,
के इस तरह का मौसम मेरे अंदर भी रहता है।


जब भी होगी पहली बारिश, तुमको सामने पायेंगे,
वो बूंदों से भरा चेहरा तुम्हारा हम देख तो पायेंगे।


ये मौसम बारिश का अब पसंद नहीं मुझे
आंसू ही बहुत हैं मेरे भीग जाने के लिए


मेरे घर की मुफलिसी को देख कर
बदनसीबी सर पटकती रह गई


और एक दिन की मुख़्तसर बारिश के बाद
छत कई दिन तक टपकती रही रह गई.



ग़म की बारिश ने भी तेरे नक़्श को धोया नहीं
तू ने मुझ को खो दिया पर मैं ने तुझे खोया नहीं.



बारिशों के मौसम में तुम को याद करने की आदतें पुरानी हैं 
अब की बार सोचा है आदतें बदल डालें 
फिर ख्याल आया के आदतें बदलने से बारिशें नहीं रूकती 


बालकनी से बाहर आकर कर देखो ए-हसीना..
मौसम तुम से मेरे दिल की बात कहने आया है


सहमी हुई है झोपडी बारिश के ख़ौफ से 
महलो की आरज़ू है के बरसात तेज़ हो

Barish Shayari in Hindi

barish shayari 2 line




काश कोई इस तरह भी वाक़िफ़ हो मेरी ज़िन्दगी से
के मैं बारिश मे भी रोऊ और वो मेरे आंसू पढ़ ले


गुल तेरा रंग चुरा लाए हैं गुलज़ारों में
जल रहा हूँ भरी बरसात की बौछारो में.


बारिश सुहानी और मोहब्बत पुरानी
जब भी मिलती हैं नयी सी लगती हैं


भीगी मौसम की भीगी सी रात, भीगी सी याद भुली हुई बात, 
भुला हुआ वक्त वो भीगी सी आँखें, वो बीता हुआ साथ, 
मुबारक हो आपको साल की पहली बरसात।



मुझे ऐसा ही ज़िन्दगी का एक पल चाहिए, 
प्यार से भरी बारिश और संग तू चाहिए।



कभी बेपहां बरसी कभी ग़ुम सी है 
ये बारिश भी कुछ -कुछ तुम सी है

Barish Quotes, Status in Hindi


अब कौन घटाओं को, घुमड़ने से रोक पायेगा,
ज़ुल्फ़ जो खुल गयी तेरी, लगता है सावन आयेगा.


एक रात हुई बरसात बहुत
मैं रोया सारी रात बहुत
हर गम था जमाने का लेकिन
मैं तन्हा था उस रात बहुत
फिर आँख से एक सावन बरसा
जब सहर हुई तो ख्याल आया
वो बादल कितना तन्हा था
जो बरसा सारी रात बहुत


मजबूरियाँ ओढ़ के निकलता हूँ घर से आजकल 
वरना शौक तो आज भी है  बारिशो में भीगने का


एक हम हैं जो इश्क़ कि बारिश करते है, 
एक वह हैं जो भीगने को तैयार ही नहीं।

याद भरी बारिश शायरी


बारिश में चलने से  एक बात याद आती है 
फिसलने के डर से वो मेरा हाथ थाम लेता था 


पूछते थे ना कितना प्यार है तुम्हे हमसे
लो अब गिन लो बारिश की ये बूँदें 


ऐ बारिश जरा थम के बरस
जब वो आ जाये तो जम के बरस
पहले न बरस के वो आ न सके
फिर इतना बरस के वो जा न सके

वो मेरे रु-बा-रु आया भी तो बरसात के मौसम में,
मेरे आँसू बह रहे थे और वो बरसात समझ बैठा।


खुद भी रोता है मुझे भी रुला देता है
ये बारिश का मौसम उसकी याद दिला देता है


बादलों से कह दो ज़रा सोच समझ कर बरसे 
अगर मुझे उनकी याद आ गयी
तो मुकाबला बराबरी का होगा 


कुछ तो चाहत होगी इन बूंदो की भी 
वर्ना कौन छूता है इस ज़मीन को 
उस आस्मां से टूट कर 


जिनके पास सिर्फ सिक्के थे, वो मजे से भीगते रहे बारिश में, 
जिनके जेब में नोट थे, वो छत तलाशते रह गए।



इन बादलों का मिज़ाज भी
मेरे महबूब जैसा है
कभी टूट के बरसता है
कभी बेरुखी से गुजर जाता है


आज आई बारिश तो याद आया वो जमाना, 
वो तेरा छत पे रहना और मेरा सडको पे मंडराना


काफी अरसा बीत गया, जाने अब वो कैसा होगा
वक़्त की सारी कड़वी बातें, चुप चाप सहता होगा 
अब भी बारिश में वो, बन के छतरी चलता होगा
मुझसे बिछड़े अरसा बीता, अब वो किस से लड़ता होगा 
अच्छा था जो साथ ही रहती, बाद में उस ने सोचा होगा
अपने दिल की सारी बातें खुद से खुद ही करता होगा


कितनी जल्दी  ज़िन्दगी गुज़र जाती है 
प्यास बुझती नहीं बरसात चली जाती है
तेरी याद कुछ इस तरह आती है
नींद आती नहीं मगर रात गुज़र जाती है 


मेरे दिल की जमीन बरसों से बंजर पडी है.
मै तो आज भी बारिश का इन्तेजार कर रहा हूँ.


कभी जी भर के बरसना
कभी बूंद बूंद के लिए तरसाना 
ए बारिश तेरी आदतें
मेरे यार जैसी हैं

शनिवार, 15 मई 2021

किसी के मरने के बाद शायरी

दोस्तों हम सबको पता है की जो भी इस धरती पर पैदा हुआ है हर किसी को एक न एक दिन जाना है। आज भले ही हम किसी अपने के चले जाने पर दुखी हो रहे हों लेकिन एक दिन ऐसा भी होगा जब हम चले जायेंगे और हमारे अपने हमे याद करेंगे। दुनिया की यही रीत है, मौत ही अंतिम सत्य है। आज इस पोस्ट "किसी के मरने के बाद शायरी" में मरने वाले की याद में शायरी और कुछ दुःख भरे और अपनों को याद करने वाली शायरी दी जा रही है। दोस्तों मृत्यु के बाद व्यक्ति वापस नही आता लेकिन हम शायरी के माध्यम से उसे याद कर सकते हैं।

किसी के मरने के बाद शायरी 

बिछड़ा कुछ इस अदा से कि रुत ही बदल गई
इक शख़्स सारे शहर को वीरान कर गया।


जाने वाले कभी नहीं आते
जाने वालों की यादें आती हैं
दोस्त... तुम बहुत याद आओगे


एक सूरज था कि तारों के घराने से उठा
आँख हैरान है क्या शख़्स ज़माने से उठा


बात कड़वी मगर सच हैं,
मृत्यु ही जीवन का सत्य हैं।


सफर पर निकले थे हम दोनों साथ,
राह पर मुझे वो अकेला छोड़ गया।


रहने को सदा दहर में आता नहीं कोई
तुम जैसे गए ऐसे भी कोई जाता नहीं।


मौत जिस्म की रिवायत है,
रूह को बस लिबास बदलना है।


तुम नही आओगे मुझे मालुम है,
पर तुम्हारी यादें... इन्हें कौन रोक सकता है।


अलविदा कह गया वो शख्स,
जिसने जिंदगीभर साथ निभाने का वादा किया था।
Miss you so much!


हर मोड़ पे कोई अपना छूट ही जाता है,
ये क्या तरीका है, ए ज़िन्दगी मौत से रूबरू कराने का।

किसी के चले जाने पर शायरी 

हो सके तो लौट आओ,
की तुम्हारे बिना जिंदगी अधूरी है।


मृत्यु सत्य है और शरीर नश्वर हैं,
यह जानते हुए भी अपनों के जाने का दुःख होता हैं
हमें ईश्वर से प्रार्थना करनी चाहिए कि
दिवंगत आत्मा को शांति और मोक्ष प्रदान करें


क्या गिला करना अपनों से यहाँ,
मौत आजाये तो ज़िन्दगी भी मुह मोड़ लेती है।


जिसने जिंदगी जीना सिखाया,
आज वो जिंदगी से मुह मोड़ गया।
किसी के मरने के बाद शायरी


सोचता था जो कई बार कुछ दूर जाने से पहले,
आज बिन कहे लम्बे सफर पर चला गया


वक्त के साथ जख्म तो भर जायेंगे,
मगर जो बिछड़े सफर जिन्दगी में
फिर ना कभी लौट कर आयेंगे!


खुदा ने उसे ही दूर कर दिया मुझसे,
जो मुझे जान से भी प्यारा था।

भाई के मरने पर शायरी

लोग कहते हैं किसी एक के चले जाने से जिन्दगी अधूरी नहीं होती,
लेकिन लाखों के मिल जाने से उस एक की कमी पूरी नहीं होती
तुम बहुत याद आओगे भाई!


बचपन का साथी मेरा यार
मेरा हमदम, मेरा प्यार
मेरा प्यारा भाई तू जहाँ भी है खुश रहना


हो सके तो लौट आना भाई
की तुम बिन मेरी दुनिया सूनी है


जिसने हर दम मेरा साथ निभाया,
हर मोड़ पर मुझे संभाला,
मुझे जिंदगी जीना सिखाया,
आज वो भाई जिंदगी से हार गया
भाई तुम बहुत याद आओगे....


किसी के मरने के बाद शायरी, किसी के चले जाने पर शायरी के इस पोस्ट में बस इतना ही।

शुक्रवार, 9 अक्तूबर 2020

मेरे जाने के बाद शायरी - दर्द शायरी इन हिंदी

mere jaane ke baad shayari

Mere Jaane ke Baad Shayari in Hindi

लौटना तो चाहता था तुम्हारे पास

मगर पता चला तू बहुत खुश है मेरे जाने के बाद

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मेरे जाने के बाद अगर किसी को मुझ जैसा पाओ, 

तो मेरे बाद किसी के साथ मुझ जैसा मत करना।

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एक बात बताओ... 

कैसा लगता है अब तुम्हें

मेरे दूर जाने के बाद 

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मेरे चले जाने के बाद रोने से क्या फायदा 

जब तक साथ था तुमने मेरी कोई कदर नही की

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मेरे मरने के बाद एक फूल लगाना मेरे कब्र में

मुझे मरने के बाद भी अपनी खुशबु बिखेरनी है

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मेरे जाने के बाद किसी को फर्क नही पड़ेगा

बस तन्हाई रोएगी की मेरा हमसफर चला गया

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तुम्हारे बाद तो रहेंगे हम गमजदा

पर मेरे बाद रहना  तुम खुश सदा

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चला जाऊंगा तुझे एक दिन छोड़कर

मेरे बाद तुझे रुलाने वाला कोई नही होगा

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आज कदर नही है उसे मेरी... कोई बात नही

प्यार आएगा उसे भी एक दिन... मेरे कब्र पर ही सही

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मेरे जाने के बाद वो भी करने लगे हैं मेरी तारीफें

जीते-जी कभी मैं जिन्हें पसंद नही आया

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मंजर मेरे बाद यही होगा तुम्हारी ज़िन्दगी में,

तुम हर हर एक में पागलों की तरह ढूढोगी मुझे


कुछ अन्य शायरियां: